पिछले कई माह से पश्चिमी क्षितिज में आंख का तारा बना आसमान का सबसे चमकीला तारा शुक्र बुधवार को सूर्य के ऊपर से गुजरेगा। ज्योतिषविदों की मानें तो आगे ये नजारा 105 वर्ष बाद 2117 में दिखेगा। सूर्य के सामने से किसी ग्रह का गुजरना एक बहुत ही रोचक घटना कहलाती है। यह अदभुत नजारा आठ साल बाद नजर आएगा। ज्योतिषियों के अनुसार इससे पहले ये नजारा 8 जून 2004 को दिखाई दिया था। सूर्य पर शुक्र के परागमन से सुख-सुविधाओं की ओर झुकाव बढ़ेगा। पं.बंशीधर जयपुर पंचांग निर्माता पं.दामोदर प्रसाद शर्मा के अनुसार सूर्य बिंब से जब शुक्र गुजरेगा, तब दोनों एक ही राशि वृष में होंगे। भारत में यह अदभुत नजारा सूर्योदय के साथ ही परिदृश्य होगा, जो दिन के 10.20 बजे तक दिखेगा। जबकि विश्व के पूर्वी भागों में यह नजारा भारतीय समयानुसार सुबह 3.40 बजे से दिन के 10.20 बजे तक दिखाई देगा। ध्यान रहे ये नजारा सीधे आंखों से नहीं देखा जाना चाहिए। इसके लिए दूरबीन या टेलिस्कोप का प्रयोग कर आसानी से देखा जा सकता है।
पिछले कई माह से पश्चिमी क्षितिज में आंख का तारा बना आसमान का सबसे चमकीला तारा शुक्र बुधवार को सूर्य के ऊपर से गुजरेगा। ज्योतिषविदों की मानें तो आगे ये नजारा 105 वर्ष बाद 2117 में दिखेगा। सूर्य के सामने से किसी ग्रह का गुजरना एक बहुत ही रोचक घटना कहलाती है। यह अदभुत नजारा…
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