व्यवस्थापक कर्ज बांटने, वसूली करने, केरोसीन, आटा, तेल, खाद बीज बांटने से लेकर नरेगा श्रमिकों के भुगतान जैसे कामों के बोझ से दबे पड़े हैं। इस कमरतोड़ काम के बावजूद उन्हें सेवाकाल में सही वेतन नहीं दिया जाता, सेवा के बाद ग्रेच्युटी और पीएफ का भी भुगतान नहीं किया जाता। जीएसएस कर्मचारियों के वेतनमान भुगतान पर लाभ के 30 प्रतिशत लाभ की शर्त लागू करना अन्यायपूर्ण है। बैठक में सहकारी साख समितियां एम्पलाइज यूनियन के सचिव रामगोपाल गुप्ता सहित जयपुर जिले की चुनिंदा जीएसएस से आए कई व्यवस्थापक और कर्मचारी मौजूद थे।

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